आपदा राहत घोटाले को लेकर राज्य सरकार को घेर रही भाजपा ने कथित सीडी प्रकरण के सामने आने के बाद आक्रामक हो गई है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को एफएल-टू मामले में कथित सीडी को लेकर राज्य सरकार पर करोड़ों की डील का आरोप लगाया.

सीएम के सचिव मोहम्मद शाहिद की संलिप्तता बताते हुए उनकी बर्खास्तगी की भी मांग की. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम हरीश रावत से भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा है. उन्होंने कहा है कि सीडी प्रकरण को लेकर भाजपा का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को राज्यपाल से भी मुलाकात करेगा.

तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि पार्टी ने सदस्यता अभियान में इतिहास रचते हुए प्रदेश में चार गुना सदस्य बनाए हैं. उन्होंने कहा है कि भाजपा प्रदेश में 16 लाख सदस्य बनाने के साथ ही प्रदेश की नंबर वन पार्टी भी बन गई है. तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि भाजपा अब महासम्पर्क अभियान के जरिए नये सदस्यों से जुड़ने और केन्द्र सरकार की योजनाओं को जनता के बीच ले जाने का कार्य कर रही है. उन्होंने कहा है कि भाजपा अपने संगठन और केन्द्र सरकार विकास योजनाओं के बल पर 2017 के विधानसभा चुनाव में सूबे की सत्ता में दमदार वापसी करेगी.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोला है. पिथौरागढ़ दौरे पर आए रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आपदा की आड़ में कफन के पैसे भी डकार लिए है. रावत ने कहा कि केन्द्र सरकार आपदा घोटाले की सीबीआई जांच कराने को तैयार है लेकिन राज्य सरकार जांच की संस्तुति कराने से बच रही है.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कांग्रेस सरकार पर आपदा प्रभावितों के कफन के पैसे डकारने का आरोप लगा है. रावत का कहना है कि सूचना के अधिकार से जो जानकारी मिली है, उससे साफ है कि कांग्रेस सरकार ने अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपए की लूट मचाई है.

साथ ही उन्होंने कहा कि वो इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार सीबीआई जांच कराने से बचना चाह रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वो साल 2013 में आई आपदा के बाद से ही उनकी पार्टी राहत कार्यों के नाम पर भारी धांधली की बात कह रही थी.

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने न तो श्वेत पत्र जारी किया और न ही आपदा के नाम पर हो रही लूट को रोकने का काम किया. रावत ने कहा कि आने वाले समय में भी उनकी पार्टी आपदा राहत के नाम पर हुए घोटाले की जांच को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी. साथ ही रावत ने कांग्रेस सरकार पर खनन और शराब के नाम पर भी भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है.

उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने मंगलवार को अमित शाह के नेतृत्व में हुई केंद्रीय पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में शिरकत की. बैठक के बाद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि नए सदस्यों को किस तरह कार्यकर्ता बनाया जाए और किस तरह  चुनावों में आगे बढ़ाया जाए उसपर चर्चा हुई है.

वहीं सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के साथ-साथ कार्यकर्ता शिविर लगाकर भी बीजेपी कार्यकर्ताओं को चुनावों के लिए तैयार करेगी. तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड आपदा में अधिकारियों की मौज-मस्ती करने के मामले पर साफ कहा है कि सीबीआई जांच के अलावा कुछ मान्य नहीं है.

उन्होंने कहा है कि आपदा घोटाले में सीएम, मंत्री और अधिकारी खुद घोटाले में शामिल रहे हैं. ऐसे में सीबीआई ही केवल जांच करेगी तो दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ सकता है .

आपदा घोटाले के मामले में सूबे की सियासत में उबाल मच गया है. सरकार सीबीआई जांच को तैयार नहीं है और विपक्ष ने सीबीआई जांच के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अब इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी है. आपदा में हुए घोटाले के मामले ने प्रदेश की राजनीति को गरमा कर रख दिया है. आपदा के दौरान अधिकारियों की मौज मस्ती के खुलासे ने न सिर्फ प्रदेश की छवि को धूमिल करने का काम किया है बल्कि आपदा के दौरान बाहर से आई करोड़ों रुपए की मदद को लेकर भी सरकार पर सवालिया निशान लग रहे हैं.

वहीं विपक्ष का आरोप है कि आपदा में आए पैसे की जमकर बंदरबांट की गई है. अब सरकार विपक्ष के निशाने पर है. आपदा के दौरान हुए इस घोटाले के बाद से ही विपक्ष ने सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं. जहां एक तरफ विपक्ष इस मामले में सरकार से श्वेत पत्र जारी करने के साथ ही सीबाआई जांच की मांग कर रहा है तो वहीं भाजपा सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने तो सरकार से इस्तीफे की मांग भी कर डाली है.

वहीं जब राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की विपक्ष की मांग को सिरे से ठुकरा दिया है तो विपक्ष ने अब सरकार पर चौतरफा हमला बोल दिया है. नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की अगुवाई में जहां भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल केके पॉल से मिलकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की तो, वहीं भाजपा ने इस मसले पर प्रदेश की जनता के बीच जाने का फैसला भी किया है. प्रदेशभर में भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की तैयारी में है. इसके साथ ही आपदा घोटाले के मसले पर भाजपा नेता फिर से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात करेंगे.

आपाद में हुए घोटाले पर सरकार को घेरते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कहा कि सरकार ने तो घोटाले करने में कफन तक नहीं छोड़े हैं. तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि शासन से जांच करवाने का मतलब है कि मामले को रफा-दफा करना. उन्होंने कहा कि पूरी सरकार इस घोटाले में संलित्प है और इसलिए इस मामले में सीबीआई जांच से किनारा किया जा रहा है. तीरथ सिंह रावत ने कहा कि इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे होंगे, लेकिन सरकार इसके डर से सीबीआई जांच से किनारा कर रही है.

घनसाली के भाजपा विधायक भीमलाल आर्य के ‌बगावती सुर उन पर ही भारी पड़ गए हैं। पार्टी अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने भीमलाल आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया है।

इसके साथ ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जिसका जवाब देने के लिए भाजपा विधायक को एक म‌हीने का समय ‌दिया गया है।

इस पर भीमलाल आर्य का कहना है कि ये अच्छे नहीं बुरे दिनों की शुरूआत है और ये शुरूआत 2017 से उत्तराखंड में होगी। बगैर नोटिस ‌दिए निलंबन की कार्रवाई करना पार्टी संविधान के खिलाफ है। अधिकृत सूचना मिलने पर आगे कार्रवाई करुंगा।

घनसाली से भाजपा विधायक भीमलाल आर्य बगावत के मूड में हैं। पहले पार्टी की बैठकों में नहीं आना, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठक से गैरहाजिर रहना यह साबित करता है कि उनका पार्टी से मोहभंग हो गया है। भीमलाल ने यह कहकर मामले को और हवा दे दी है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत राज्य के लिए बेहतर काम कर रहे हैं।

पार्टी की अधिकतर बैठकों से गायब रहने वाले विधायक भीमलाल आर्य जब रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठक में नहीं पहुंचे तो हंगामा हो गया। प्रदेश अध्यक्ष इस मामले को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि शनिवार को पार्टी की महासचिव सरोज पांडेय की बैठक से भी भीमलाल नदारद रहे। इससे पहले वह दो तीन बड़ी बैठकों से भी गायब रह चुके हैं। इतना ही नहीं 14 जनवरी को सचिवालय के सामने भाजपा विधायकों ने धरना दिया था तो उसमें भी नहीं पहुंचे थे।

देहरादून: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कहा कि पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि जिन लोगों को पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के नोटिस जारी किए हैं उनमें से किसी को टिकट नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी कार्यकर्ता चुनावों में पार्टी विरोधी कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय दल होने के चलते चुनावों में कार्यकर्ताओं का टिकट मांगना उनका अधिकार है। हर एक में अच्छाई होती हैं, जब तक टिकट नहीं मिलता सबकी दावेदारी रहनी चाहिए। टिकट वितरण के बाद सबको एक साथ रहना चाहिए। इस बार टिकट वितरण में इस बात का खास ख्याल रखा गया कि जिसके खिलाफ पूर्व में अनुशासनात्मक नोटिस जारी हुए हैं उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इस बार भी पार्टी ऐसे लोगों पर नजर रखेगी। यदि कोई पार्टी के निर्णय से बाहर जाकर कार्य करता है तो निश्चित रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों के लिए पार्टी में जगह नहीं होगी।

उत्तराखंड भाजपा के नए अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत होंगे। पार्टी हाईकमान ने देर रात इसकी घोषणा कर दी। अध्यक्ष पद की दौड़ में वरिष्ठता और अनुभव के चलते पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का पलड़ा भी भारी माना जा रहा था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी और रमेश पोखरियाल निशंक पार्टी नेतृत्व पर तीरथ सिंह रावत के नाम पर मुहर लगाने के लिए दबाव बनाए हुए थे।

देहरादून,  जनवरी। पूर्व शिक्षामंत्री व संघ के प्रचारक रहे तीरथ सिंह रावत को उत्तराखण्ड भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किए जाने की अब बस औपचारिकता ही शेष रह गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले कुछ दिनों में उनके नाम की विधिवत घोषणा की जा सकती है। पूर्व मंत्री तीरथ सिंह रावत की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर ताजपोशी इसलिए भी अहम है कि उनके दावेदारी के चलते बीते दो सालों से छत्तीस रहे पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खण्डूडी और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के बीच बढ़ी दूरियां उनकी दावेदारी से कम ही नहीं हुई है, बल्कि दोनों नेताओं ने तीरथ सिंह के नाम पर अपनी खुलकर स्वीकृति भी दी। वहीं भाजपा का दूसरा धड़ा जिसकी अगुवाई पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी कर रहे थे के अध्यक्ष पद के दावेदार के रूप में पूर्व मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का नाम काफी तेजी से आगे बढ़ा, लेकिन निशंक और खण्डूडी की नजदीकियों के चलते कोश्यारी गुट के अध्यक्ष पद के दावेदार त्रिवेन्द्र रावत को फिलहाल मायूसी ही हाथ लगने की उम्मीद है, लेकिन तेजी से समीकरणों में बदलाव व दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच गठजोड़ के बाद तीरथ सिंह के नाम पर हाईकमान द्वारा अन्तिम मुहर लगाए जाने की पूरी सम्भावनाएं दिखाई दे रही हैं। इसके साथ यह भी चर्चाएं हैं कि नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट दिल्ली रवाना हो चुके हैं और हाईकमान द्वारा इस विषय में उनकी भी राय जानने की कोशिश की जाएगी इसके बाद ही प्रदेश अध्यक्ष का फैसला किया जा सकेगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी के लिए आम राय बनाने की कोशिश की जा रही है। केन्द्रीय नेताओं ने फार्मूला निकाला कि यदि पहाड़ के किसी नेता की ताजपोशी की जाती है इसके लिए तीरथ सिंह रावत पहली पसन्द बने हुए हैं और यदि मैदान से किसी नेता को कमान सौंपी जाएगी तो उसके लिए नरेश बंसल को उपयुक्त प्रत्याशी माना जा रहा है। ऐसे में जब प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने तीरथ सिंह रावत के नाम पर अपनी हामी भर दी है तो अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में तीरथ सिंह रावत की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी अपने गुट के नेता के रूप में त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नाम को लेकर मैदान में डटे हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट दिल्ली रवाना हो गए हैं और माना जा रहा है कि हाईकमान द्वारा उनसे भी इस विषय में अन्तिम रूप से राय जानने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर अन्तिम फैसला लिया जा सकेगा। भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कई नेता मैदान में डटे हुए हैं। ऐसे में पार्टी की ओर से सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की जा रही है। सूबे के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियांे की अलग-अलग राह के चलते नेता के चयन का काम काफी कठिन बना हुआ था। जहां एक ओर बीसी खण्डूड़ी तीरथ सिंह रावत के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे थे। वहीं दूसरी ओर पूर्व सीएम कोश्यारी भी त्रिवेन्द्र सिंह रावत के पक्ष में, इतना ही नहीं पूर्व सीएम डा. निशंक के समर्थक प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर डा. निशंक को बैठाने की मांग कर रहे थे। माना जा रहा था कि पहाड़ के किसी नेता को यदि इस कुर्सी पर बिठाया जाता है तो सर्वसम्मति से फैसला करते हुए सभी धड़ों की राय जानने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही मैदान के किसी नेता को इस कुर्सी पर बिठाया जाता तो इसके लिए नरेश बंसल का नाम तेजी से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा था। प्रदेश भाजपा में पिछले काफी समय से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर गहमागहमी का दौर जारी है, जिसको लेकर हाईकमान कई प्रकार के पफार्मूलों पर विचार मंथन में जुटी हुई है।

अब कुल मिलाकर देखा जाए तो समीकरणों में तेजी से बदलाव आ गया है। भाजपा के दो धुरंधर नेता बीसी खण्डूड़ी व डा. निशंक एक साथ खड़े होकर तीरथ सिंह रावत के पक्ष में आ गए हैं। ऐसे में अब हाईकमान को तीरथ सिंह रावत को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने में कोई आपत्ति नहीं होगी। पार्टी में काफी पहले से चल रही उठापठक के चलते आलाकमान को इस विषय मंे माथापच्ची करने को बाध्य होना पड़ रहा था। वहीं प्रदेश भाजपा में भी इस विषय में काफी उठापठक का दौर जारी रहा। पार्टी के आधे दर्जन से अधिक नेता इस कुर्सी को लेकर ताल ठोक रहे थे। नेताओं के बीच के घमासान को देखते हुए केन्द्रीय नेतृत्व का बार-बार प्रयास रहा कि इस कुर्सी पर सर्वसम्मति से फैसला किया जाए। ऐसे में जब सूबे के दो पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के पक्ष में खडे़ हो गए हैं तो अब हाईकमान को भी अधिक माथापच्ची करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और तीरथ सिंह रावत की ताजपोशी लगभग तय माना जा रहा है। वैसे अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह रावत गांववासी और प्रदेश उपाध्यक्ष लाखीराम जोशी अभी भी मैदान में डटे हुए हैं।

अगर कोई उलटफेर नहीं हुआ तो उत्तराखंड भाजपा को जनवरी के पहले हफ्ते में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। पार्टी प्रदेश प्रभारी थावरचंद गहलौत प्रदेश के पार्टी नेताओं से फीडबैक लेकर आलाकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपने दिल्ली पहुंच चुके हैं।

मेरा पता

तीरथ सिंह रावत

भाजपा राष्ट्रीय सचिव / पूर्व प्रदेश अध्यक्ष / पूर्व शिक्षा मंत्री

ग्राम एवं डाकघर - सीरों, पट्टी असवालस्यूं
पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड , 246155
भारत

  +91.94120 04626

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